Raj Karan Bansal

Pages

Tuesday, September 6, 2011

प्यार बिन तो रह भी लें पर तुम्हारे साथ बिना कैसे जियें,
तुम ही बताओ बसते हो तुम साँसों में, सांस लिए बिना कैसे जियें |

No comments:

Post a Comment